

तुम बहते जल की तरह बनो,
सन्मार्ग का पथ बतलाओ ॥
तुम हवा की तरह बहो,
शांति का दीप जलाओ ॥
तुम सूर्य की तरह चमको,
नवचेतना का प्रकाश फैलाओ ॥
तुम पुष्प की सुगन्ध बनो,
जग में विसरित हो जाओ ॥
तुम लहरों की तरह बहो,
किनारों को छूकर आओ ॥
तुम बादल की तरह गरजो,
ज्ञान की बूंदे बरसाओ ॥
तुम आजाद भारत बनो,
लोकतंत्र को मजबूत बनाओ ॥
तुम चंद्र्मा की तरह मुसकाओ,
शीतलता का पाठ पढाओ ॥
तुम अभिमन्यु की तरह बनो,
चक्र्व्यूह सभी आज तोड़ आओ ॥
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!
ReplyDeletehttp://iisanuii.blogspot.com/2010/08/blog-post_15.html
बहुत बढ़िया!
ReplyDeleteस्वतंत्रता दिवस के मौके पर आप एवं आपके परिवार का हार्दिक अभिनन्दन एवं शुभकामनाएँ.
सादर
समीर लाल